श्याम मूर्ति भारती
मुहम्मद बिन तुगलक (1325–1351 ई.) दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश के सबसे विवादास्पद शासक थे। उनका शासनकाल भारतीय मध्यकालीन इतिहास में महत्वाकांक्षी योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और दूरदर्शी नीतियों के लिए प्रसिद्ध है। तुगलक ने राज्य की केंद्रीयकृत संरचना, प्रांतीय प्रशासन की मजबूती, आर्थिक सुधार, राजस्व वृद्धि, राजधानी परिवर्तन और धार्मिक नीति में कई प्रयोग किए। उसके समय के विद्वान इब्नबतूता और बरनी ने उसके व्यक्तित्व और नीतियों पर अलग-अलग दृष्टिकोण व्यक्त किए।
इस शोधपत्र का उद्देश्य मुहम्मद बिन तुगलक की नीतियों का ऐतिहासिक विश्लेषण करना और यह समझना है कि उसकी दूरदर्शिता के बावजूद किन कारणों से अधिकांश योजनाएँ असफल रही। शोध में उसकी प्रशासनिक, राजस्व, राजधानी, मुद्रा, दक्कन, धार्मिक और विदेश नीति की समीक्षा की गई है। इस अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला गया है कि तुगलक का व्यक्तित्व जटिल था—वह दूरदर्शी और विद्वान था, परन्तु उसकी नीतियों का क्रियान्वयन असफलताओं और सामाजिक असंतोष का कारण बना।
Pages: 50-53 | 607 Views 456 Downloads